अटारी पर बैठी राधा रानी, दर्शन करते समय इन बातों का जरूर रखें ध्यान ataaree par baithee raadha raanee, darshan karate samay in baaton ka jaroor rakhen dhyaan

कहते हैं भगवान श्रीकृष्ण की  यदि भक्ति चाहिए तो राधा रानी का स्मरण जरूर करें। राधा रानी की बिना अनुमति के ब्रज में प्रवेश नहीं मिलता। इसलिए राधा जी का स्मरण जरूरी है।

कहते हैं भगवान (Sri Krishna) की  यदि भक्ति चाहिए तो राधा रानी का स्मरण जरूर करें। राधा रानी की बिना अनुमति के ब्रज में प्रवेश नहीं मिलता। इसलिए राधा जी का स्मरण जरूरी है। आजकल पूरे देश भर से भक्त ब्रज में राधा रानी के दर्शन के लिए आ रहे हैं। बरसाना में ऊंची अटारी पर बैठी राधा रानी के दर्शन करके भक्त धन्य हो रहे हैं। सच मानिए, राधा जी के मंदिर में पहुंचकर भाव का सागर उमड़ पड़ता है। भक्तों का सैलाब यहां देखते ही बनता है। सीढ़ियों पर चढ़ते हुए भक्त राधा रानी के जयकारे लगाते हुए ऊंची अटारी वाली राधा रानी के जयकारे लगाते हैं जिससे पूरा माहौल भक्ति के रंग में रंग उठता है। अब, बरसाना धीरे-धीरे संवर रहा है।

भक्तों का सैलाब हर समय बना रहता है। 

पिछली स्टोरी में हमने आपको भांडीरवन के दर्शन कराए थे। यहां राधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण का विवाह हुआ है। ब्रह्मा जी ने स्वयं उपस्थित होकर विवाह कराया है। भांडीरवन में आज भी वृक्ष मौजूद है, जिसके नीचे राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण का विवाह हुआ है। साथ ही मंडप और विवाह से जुड़ी तमाम जानकारियां आपको यहां मिलेंगी। इसलिए यदि आप सबके मन में यह शंका है कि राधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण का विवाह नहीं हुआ है तो इस शंका को मन से निकाल दीजिए। बरसाना में दर्शन करते समय भक्ति का भाव होना चाहिए और बस राधा रानी से सिर्फ भक्ति ही मांगनी चाहिए।

सीढ़ियों से पैदल चलकर करें दर्शन

बरसाना में राधा रानी ऊंची अटारी पर बैठी हुई हैं, मंदिर तक पहुंचने के तमाम रास्ते हैं, बहुत सारे बाइक सवार भी खड़े रहते हैं, जो आपको बैठाकर अटारी तक ले जाएंगे, जिससे आप सुविधाजनक तरीके से दर्शन कर सकते हैं। साथ ही अगर आप चार पहिया वाहन से हैं तो आप आराम से पहाड़ पर गाड़ी को ले जा सकते हैं और वहां से बमुश्किल 100 मीटर की दूरी पर मंदिर है। यहां पहुंच कर आप दर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा रंगीली गली और मुख्य द्वार से होते हुए भी राधा रानी के मंदिर तक पहुंच सकते हैं। रंगीली गली से सीढ़ियां कम है। इसलिए आसानी से दर्शन हो सकता है। हालांकि, गली पतली है और सीढ़ियां खड़ी है इसलिए बुजुर्गों को थोड़ा दिक्कत हो सकती है। मगर आपको दर्शन मुख्य द्वार से सीढ़ियों के द्वारा करना चाहिए। करीब 150 सीढियां आपको चढ़नी होगी और फिर ऊंची अटारी पर राधा रानी के दर्शन हो सकेंगे। 

भाव से भर देता है लाडली महाराज का दर्शन 

सीढ़ियों से चढ़ते हुए जब आप विशाल परिसर में पहुंचेंगे तो ऊपर लाडली महाराज का मुख्य द्वार आपको देखने को मिलेगा। वहीं से आप राधा रानी के दर्शन के लिए मंदिर तक पहुंच सकते हैं। मंदिर के अंदर प्रवेश करते ही राधा रानी का प्यारा सा दरबार सजा हुआ दिखाई देगा। प्रेम और भक्ति का सागर यहां देखने को मिलेगा। भक्तगण राधा रानी के भजनों में ही रहते हैं। पद, दोहे और सवैया गाते हुए राधारानी को मनाने की कोशिश करते हैं। हर कोई एक तक राधा रानी को निहारते रहना चाहता है। 


यहां बरसता है बरसाना का भाव

राधा रानी के मंदिर के दर्शन के बाद आप बरसाने के भाव को जरूर देखिए। ऊंचे अटारी पर बने बरामदे में आप जब पहुंचेंगे तो आपको पूरा बरसाना देखने को मिलेगा। चारों तरफ मकान दिखाई देंगे। पहाड़ की श्रृंखला भी आपको यहीं से देखने को मिलेगी और तब आप समझ सकेंगे की मंदिर कितनी ऊंचाई पर है। यहां का सुंदर दृश्य देखते ही बनता है। भक्तगण भजन कीर्तन लीन रहते हैं और राधा रानी को एकटक निहारते रहते हैं।


दर्शन के समय इन बातों का जरूर रखें ध्यान

राधा रानी के दर्शन के लिए यदि आ रहे हैं तो कुछ बातों का जरूर आपको ध्यान रखना चाहिए। पहली कि यदि आप फोर व्हीलर वाहन से आ रहे हैं तो ऊपर पहाड़ पर बहुत सावधानी से अपनी गाड़ी चलाइए। क्योंकि कई बार वाहनों की संख्या अधिक होने से पहाड़ पर गाड़ी को नियंत्रित करना मुश्किल होता है। साथ ही बाइक सवार काफी तेज गति से बाइक चलाते हैं तो उनसे संभल कर रहने की जरूरत है। मंदिर परिसर में फोटो खींचना सख्त मना है। इसलिए एकदम निकट से अपना मोबाइल कतई ना निकाले वरना वहां लगे सेवादार आपके मोबाइल को रख भी सकते हैं।

श्रृंगार का प्रसाद जरूर ले आएं

राधा रानी के दर्शन के समय आप फूलमाला, श्रंगार, प्रसाद आदि जरूर ले जाएं। घर पर भी लेकर आए। इसलिए दर्शन के बाद जब आप सीढ़ियों से नीचे उतरते हैं तो नीचे बड़ी मार्केट है, जहां आप खरीदारी कर सकते हैं। यहां पर सिंदूर, चूड़ी, कंगन, चुनरी आदि प्रसाद के रूप में मिलते हैं।

                                                                                                                  Raj narayan