वृंदावन में इन स्थानों पर जरूर जाएं, राधा और कृष्ण की हैं अद्भुत लीलाएं

वृंदावन में यदि आप आते हैं तो इन स्थानों पर जरूर जाएं, जहां राधा और श्रीकृष्ण की तमाम लीलाएं हैं। इन लीलाओं में बहुत से ऐसे रहस्य हैं, जिसके बारे में शायद आपको न पता हो।

वृंदावन में यदि आप आते हैं तो इन स्थानों पर जरूर जाएं, जहां राधा और श्रीकृष्ण की तमाम लीलाएं हैं। इन लीलाओं में बहुत से ऐसे रहस्य हैं, जिसके बारे में शायद आपको न पता हो। ये दर्शन आपको अध्यात्म की अलौकिक धारा की ओर ले जाएंगे, आपके जीवन को बदल कर रख देंगे। कई जगहों पर तो राधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण के अलौकिक दर्शन भी आपको हो सकते हैं। बस आपके मन में अनन्य भक्ति होनी चाहिए। ये स्थान जंगल, यमुना जी के किनारे, वीरान आदि स्थानों पर हैं। जहां सच्ची भक्ति का स्वरूप दिखाई देगा। आपकी आंखें भाव से छलक उठेंगी। क्योंकि हमारे कन्हैया की कुछ लीलाएं ही ऐसी हैं। ये स्थान आज भी निश्चल, विरक्त और सात्विक भक्ति से भरे हुए हैं। आंखों को बंद करते ही भगवान श्रीकृष्ण की तमाम लीलाओं के दर्शन होंगे। आइए, आप भी करें दर्शन...

वंशीवट

यह स्थान वृंदावन से करीब सात किमी दूर है। यमुना उस पार है। वंशीवट में भगवान श्रीकृष्ण ने गोचारण किया था। आज भी वह विशाल वट वृक्ष है, जिस पर चढ़ कर भगवान श्रीकृष्ण वंशी बजाकर गऊ माता को बुलाते थे। 5500 वर्ष पुराना वह वट वृक्ष आज भी मौजूद है। वंशीवट घने वन में स्थित है। यहां घने वन में तपस्या करते हुए संतों के दर्शन जरूर कीजिए। यहां जंगलों में बहुत से गुप्त संत हैं, जो तपस्या कर रहे हैं। इनके दर्शन मात्र से जीवन धन्य हो जाता है। घने वन में आप अकेले मत जाएं, स्थानीय बच्चों और किसी को साथ में जरूर ले लें, जिससे घने वन में जाने में दिक्कत न हो।

ब्रह्म वन

वृंदावन से करीब 20 किमी दूरी परब्रह्म हवन है यह दिल्ली हाईवे स्थित चौमुंहा गांव में है ब्रह्मा वन में ब्रह्मा जी ने कन्हैया की गमों के चोरी किया था ऐसा बताया जाता है कि एक बार भगवान श्री कृष्ण अपनी गाय चरा रहे थे तभी उनका एक शाखा घर से छाछ लेकर आया और वह श्री कृष्ण से चुप कर पीने लगा जब श्री कृष्ण देखें तो अपने सखा की ओर दौड़ पड़े तब तक शाखा ने पूरी जांच अपने मुंह में भर ली थी भगवान श्री कृष्ण के पास पहुंचे और उसके गालों पर निकल गई छाछ को चाटने लगे यह देख ब्रह्मा जी के मन में शंका हुई कि यह भ्रम नहीं हो सकती और इसलिए उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की गौ माताओं को चोरी कर लिया था ब्रह्म वन पेड़ पौधों से आच्छादित है यहां का वातावरण बहुत शुद्ध है ऐसा बताया जाता है कि यहां भगवान श्री कृष्ण निश्चल भक्ति करने वाले भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण करते हैं। 

मानसरोवर

मानसरोवर वृंदावन में यमुना जी के उस पार स्थित है। वृंदावन से करीब सात किमी की दूरी पर है। यह स्थान भी घने वन क्षेत्र में है। यहां पहुंचने के लिए दो रास्ते हैं। पहला वृंदावन से पानी गांव होते हुए पहुंच सकते हैं, दूसरा रास्ता मांट गांव से होते हुए जाता है। कथा के अनुसार मानसरोवर में राधा रानी रूठ कर आ गई थी यहां भगवान श्री कृष्ण के वियोग में उन्होंने रो-रोकर सरोवर को भर दिया था भगवान श्री कृष्ण ने यहां राधा रानी का मान रखा था इसीलिए इस स्थान का नाम मानसरोवर है यहां आने पर जो भी सच्चे मन से राधा रानी की पूजा-अर्चना करता है उसकी मनोकामना पूरी करती हैं। 

भांडीर वन

भांडीरवन वृंदावन के करीब 10 किमी की दूरी पर स्थित है। यह स्थान भी यमुना जी के उस पार है। यहां पर ब्रह्मा जी ने राधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण का विवाह कराया था। इसलिए इस स्थान पर आने वाले भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण होती है। यहां विशाल वटवृक्ष है। ब्रह्मा जी की प्रतिमा स्थापित है। जिसमें व राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण के विवाह करते हुए दिखाई दे रहे हैं। ब्रह्मा जी ने ही राधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण के विवाह में मंत्रोंचार किया था। भांडीरवन में ही एक विशाल कुआं है, जिसमें सभी तीर्थों का जल है, इसलिए उस कुएं के जल से आचमन करने से मनुष्य की सभी मनोकामना पूर्ण होती है। 

निधिवन

निधिवन वृंदावन में ही स्थित है। श्री बांके बिहारी मंदिर से बमुश्किल एक किलोमीटर की दूरी पर है। यहां पर भगवान श्रीकृष्ण ने महारास रचाया था। आज भी ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण प्रतिदिन रात में महारास करने आते हैं। यहां आज भी आस पास रहने वालों को रात में घुंघरू की आवाज सुनाई देती है। रात्रि में यहां पर प्रसाद जो चढ़ाया जाता है, सुबह वह प्रसाद नहीं मिलता है। बताया जाता है कि भगवान साक्षात प्रसाद को ग्रहण करते हैं। निधिवन में जो वृक्ष है, वह गोपी रूप में हैं। रात्रि में यह वृक्ष गोपी बनकर भगवान श्रीकृष्ण के साथ महारास में शामिल होते हैं। इसलिए इस स्थान पर आने पर भी मनोकामना जरूर पूर्ण होती है।

इन स्थानों पर जाने से पूर्ण होते हैं सारे मनोरथ

वृंदावन में इन स्थानों पर आप सभी को जरूर जाना चाहिए, क्योंकि यह स्थान भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की लीला स्थली है। इन स्थानों का भावपूर्ण दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। अच्छी बात है कि अभी भी इनमें से सभी स्थान प्रकृति से जुड़े हुए हैं। घने वन और पेड़ों से आच्छादित हैं। यहां का वातावरण बहुत मनोरम दिखाई देता है। दर्शन करने के लिए भी यहां लंबी कतारें नहीं लगती हैं। बहुत आसानी से आप दर्शन कर सकते हैं। सरोवर के पास बैठकर आप कुछ देर ध्यान साधना कर सकते हैं। यदि आप अपनी टोली के साथ जा रहे हैं तो भजन-कीर्तन भी कर सकते हैं। इतना रमणीय स्थल है कि  परिवार के साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण भी कर सकते हैं। इसलिए वृंदावन के इन पांच स्थानों पर आप सब जरूर जाएं। जहां राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण की लीलाएं हुईं हैं।