वृंदावन में यहां होते हैं, भगवान के सभी अवतारों के दर्शन

वैसे तो श्रीधाम वृंदावन भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली है। मगर, यहां एक ऐसा भी स्थान है, जहां भगवान के सभी अवतारों के दर्शन होते हैं। रंगजी मंदिर के निकट गोदा बिहारी जी का मंदिर है,

वैसे तो श्रीधाम वृंदावन भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली है। मगर, यहां एक ऐसा भी स्थान है, जहां भगवान के सभी अवतारों के दर्शन होते हैं। रंगजी मंदिर के निकट गोदा बिहारी जी का मंदिर है, जहां भगवान के सभी अवतारों के दर्शन होते हैं। हमारे प्राचीन ऋषिगण, संत और देवी देवताओं के भी दर्शन होते हैं। ऐसा लगता है जैसे मानों पूरा ब्रह्मांड वृंदावन में ही उतर आया हो। ऐसे में यदि आप भी वृंदावन आते हैं तो प्रमुख स्थलों के दर्शन के साथ ही गोदा बिहारी जी के भी दर्शन जरूर कीजिए।

जहां आपको भगवान के सभी अवतारों के दर्शन होंगे।

मंदिर में प्रमुख रूप से लक्ष्मी नारायण के भी दर्शन होंगे। अपनी प्राचीन, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं को जीवंत बनाए रखने के लिए गोदा बिहारी जी मंदिर का निर्माण कराया गया है। यह स्थान परिक्रमा मार्ग से 200 मीटर दूर श्री गोपेश्वर महादेव मंदिर के निकट है। बड़ी संख्या में यहां भक्तगण दर्शन करने आते हैं। आइए, आज आप सभी को भी राधा रानी और ठाकुरजी की कृपा से गोदा बिहारी जी मंदिर के दर्शन करवाते हैं....

श्रीधाम वृंदावन भक्तों और साधकों की भी स्थली है।

बहुत से साधक हैं, जिन्होंने त्याग, तपस्या और कठोर साधना की है। उन्हीं में परम साधक हैं बल्देव आचार्य, जिन्होंने गोदा विहार मंदिर का निर्माण कराया। महाराज जी ने मंदिर का निर्माण बहुत ही प्राण प्रण से कराया है। यहां तीनों लोकों के दर्शन होते हैं। सबसे अच्छी बात है नई पीढ़ी के लिए जिन्हें मंदिर में आकर अपने सभी भगवान जी के अवतारों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। 

प्रवेश द्वार से शुरू हो जाता है दर्शन

मंदिर में प्रवेश करते ही दर्शन शुरू हो जाते हैं। मंदिर में मुख्य द्वार मंदिर में भगवान सूर्यदेव के दर्शन होते हैं। सात घोड़ों के रथ पर सवार भगवान सूर्य देव का आभामंडल देखते ही बनता है। साथ ही मंदिर के प्रवेश द्वार से ही मूर्तियां शुरू हो जाती हैं। मुख्य द्वार पर ही चित्रगुप्त भगवान का भी दर्शन होता है। यहां ब्रह्मांड के भी दर्शन होंगे। कैसे सृष्टि का निर्माण होता गया यह दिखाया गया है। भगवान विष्णु गरुड़ महाराज पर बैठे हुए दर्शन दे रहे हैं। अंदर पहुंचते ही ब्रज की संस्कृति की झलक आप सबको दिखाई देगी। कामधेनु गौ माता का दर्शन होगा, जहां हमारे ठाकुर जी बंसी बजाते हुए गौ माता के पास दिखाई देते हैं। इतनी सुंदर तरीके से गौ माता बनाई गई जिनका दर्शन देखते ही बनता है। साथ ही हमारे सनातन में ग्रहों का बहुत महत्व है, उनके भी दर्शन मिलेंगे। 


 

शिवलोक, ब्रह्म लोक के भी दर्शन होंगे

शिवलोक में प्रवेश होते ही भगवान गणेश, कार्तिककेय भगवान के दर्शन होंगे। शिव पार्वती का भावपूर्ण दर्शन तो मन को आनंदित कर देगा। आगे बढ़ने पर ब्रह्मलोक के दर्शन होंगे, जहां पर सनातन के प्रमुख श्रेष्ठ ऋषिगण की प्रतिमाएं स्थापित हैं। यह प्रतिमा ऐसी जीवंत है कि मानों ऋषिगण साधना पर बैठे हुए हैं। तपो लोक में आपको तप, त्याग दिखाई देगा। इसमें ऋषि पुलस्त समेत बहुत से ऋषि हैं, जिनके दर्शन होंगे। भागवत भक्त लोक में प्रहलाद, ध्रुव का भी दर्शन होगा। भक्त विभीषण के भी दर्शन होंगे। सुदामा जी की भी भक्ति दिखाई देगी। द्रोणाचार्य, भरत जी, दानवीर कर्ण के भी दर्शन होंगे। यहां द्रोपति के भी त्याग को देखने को मिलेगा। माता कौशल्या, माता कुंती, यशोदा मैया, अन्नपूर्णा मैया के भी दर्शन आपको मिलेंगे। 


दुनिया तक बिखेरें अपनी संस्कृति की खुशबू

गोदा विहार मंदिर में भगवान के सभी अवतारों के दर्शन आपको अभिभूत करने वाले होंगे। बल्देव आचार्य ने मंदिर का निर्माण प्राण प्रण से कराया है। मंदिर के निर्माण के लिए दक्षिण भारत से करीब एक हजार कारीगर बुलाए गए थे। बल्देव आचार्य को देवी, देवताओं, ऋषिगण, महापुरुषों के चित्र एकत्रित किया। इसके बाद प्रतिमाएं बनाई गईं। इसलिए गोदा विहार मंदिर में बल्देव आचार्य ने अपनी पूरी साधना लगा दी है। आप सभी मंदिर के दर्शन के लिए आप अपने बच्चों को जरूर लेकर आइए, जिससे बच्चे अपने सनातन संस्कृति के बारे में जानकारी रख सके। अपने देवी देवता और ऋषिगणों को जान सकें। साथ ही अपनी संस्कृति की खुशबू सारी दुनिया तक पहुंच सके। 


 

इस प्रकार पहुंच सकते हैं गोदा बिहारी जी मंदिर

यदि आप वृंदावन आते हैं और यहां भगवान के सभी अवतारों के दर्शन करना चाहते हैं तो बड़े सुविधाजनक तरीके से पहुंच सकते हैं। क्योंकि गोदा विहार जी के मंदिर के लिए कई रास्ते जाते हैं। आप सुदामा कुटी से लेकर अटल्ला चुंगी परिक्रमा मार्ग तक किसी भी रास्ते से गोदा विहार मंद

राज नारायण सिंह