गौमाता के पूजन से जीवन में आता है बड़ा बदलाव, बदल जाती है किस्मत
- 115
- March 29, 2023
श्री काशी सुमेरू पीठाधीश्वर अनन्त श्री विभूषित पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती महाराज पूरे देश में सनातन की अलख जगा रहे हैं।
वृंदावन : श्री काशी सुमेरू पीठाधीश्वर अनन्त श्री विभूषित पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती महाराज पूरे देश में सनातन की अलख जगा रहे हैं। उनका उद्देश्य पूरे देश के हिंदुओं को एकजुट करना है। इसलिए पूरे देश में यात्रा कर रहे हैं। पूजनीय महाराज जी उत्तराखण्ड स्थित श्री राम साधना पीठ-उत्तरकाशी गोशाला के शुभारम्भ पर पहुंचे। यहां महाराज जी का भव्य स्वागत किया गया। महाराज जी श्रीराम कथा, गोकथा एवं श्री शिव शक्ति महायज्ञ में शामिल हुए। अपने त्रिदिवसीय उत्तर भारत प्रवास के क्रम में वाराणसी से दिल्ली, देहरादून, ऋषिकेश होते हुए कार्यक्रम में पहुंचे। पूजनीय महाराज जी का सानिध्य पाकर भक्तों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि गौमाता की महिमा अपरम्पार है । भगवान के प्राकट्य के कारणों में प्रमुख कारण गौमाता ही हैं ।
“विप्र धेनु सुर सन्त हित , लीन्ह मनुज अवतार ।
निज इच्छा निर्मित तनु, माया गुन गो पार ।।"
इसलिए मनुष्य अगर जीवन में गौमाता को स्थान देने का संकल्प कर ले, तो वह संकट से बच सकता है । मनुष्य को चाहिए कि वह गाय को मन्दिरों और घरों में स्थान दे, क्योंकि गौमाता ही मोक्ष दिलाती है ।

पुराणों में भी गौमाता का है उल्लेख
पुराणों में भी इसका उल्लेख मिलता है कि गाय की पूंछ छूने मात्र से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो जाता है । गाय की महिमा का बखान वेद पुराणों में भी की गई है। मनुष्य अगर गौमाता को महत्व देना सीख ले, तो गौमाता उनके दुख दूर कर देती है। गाय हमारे जीवन से जु़ड़ी है । गाय के दूध से लेकर मूत्र तक का उपयोग किया जा रहा है । गौमूत्र निर्मित औषधियां बीमारियों को दूर करने के लिए रामबाण की तरह काम करती हैं ।

गौमाता से घर में बना रहता है संस्कार
पूज्य शंकराचार्य जी महामहाराज ने कहा कि गोपाष्टमी के दिन गाय का पूजन करने एवं उनका संरक्षण करने से मनुष्य को पुण्य फल की प्राप्ति होती है । जिस घर में गौपालन किया जाता है, उस घर के लोग संस्कारी और सुखी होते हैं । इसके अतिरिक्त जीवन-मरण से मुक्ति भी गौमाता ही दिलाती है । रोज पंचगव्य का सेवन करने वाले पर तो जहर का भी असर नहीं होता, और वह सभी व्याधियों से मुक्त हो जाता है । गाय के दूध में वे सारे तत्व होते हैं, जो जीवन के लिए जरूरी हैं ।

गौ दर्शन से जीवन हो जाता है धन्य
स्वामी बृजभूषणानन्द सरस्वती वैज्ञानिक भी मानते हैं कि गाय के दूध में सारे पौष्टिक तत्व होते हैं । प्रतिदिन सुबह गौ-दर्शन हो जाए तो समझ लें कि दिन सुधर गया, क्योंकि गौ-दर्शन के बाद और किसी के दर्शन की आवश्यकता नहीं रह जाती । गाय और ब्राह्मण कभी साथ नहीं छोड़ते हैं, लेकिन आज के लोगों ने दोनों का ही साथ छोड़ दिया है । जब पाण्डव वन जा रहे थे, तो उन्होंने भी गाय और ब्राह्मण का साथ मांगा था। इस धरा पर भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और परशुराम आते रहे, और उन्होंने भी गायों और सन्तों के उद्धार का काम किया । भविष्य में उत्पन्न होने वाली समस्याओं का हल भी गाय से ही मिलने वाले उत्पादों से मिल सकता है । गाय के बिना यज्ञ की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। स्वामी गोपालानन्द सरस्वती ने कहा कि सनातनियों को गौ माता की सेवा जरूर करनी चाहिए। अजीत शर्मा के कहा कि पूजनीय महाराज जी का सानिध्य मिलने मात्र से हम सभी का जीवन धन्य हो जाता है। इस मौके पर बड़ी संख्या में साधु-सन्त एवं श्रद्धालु भी मौजूद थे।

Related Items
प्रेमानंद महाराज का इस प्रकार कर सकते हैं दर्शन, प्रश्न भी पूछने का मिलेगा मौका
हित प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने पैदल ही तय की 370 किमी यात्रा
देवरहा बाबा घाट आखिर क्यों बन गया साधना और भक्ति का केंद्र