सनातन की रक्षा के लिए अब करना होगा ये उपाय,तभी देश सुरक्षित रहेगा sanaatan kee raksha ke lie ab karana hoga ye upaay, tabhee desh surakshit rahega

श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर अनन्त श्री विभूषित पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज सनातन धर्म जागरण अभियान को लेकर पूरे देश में भ्रमण कर रहे हैं।

श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर अनन्त श्री विभूषित पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज सनातन धर्म जागरण अभियान को लेकर पूरे देश में भ्रमण कर रहे हैं। काशी से प्रस्थान कर मैहर, कटनी होते हुए जबलपुर पहुंचे। श्री नरसिंह मन्दिर-गीता धाम के महन्त स्वामी नरसिंह दास  महाराज और श्री विद्या के साधक हीरापुर वाले स्वामी जी के साथ सनातन धर्म, संस्कृति एवम् परम्परा पर हो रहे चतुर्दिक आक्रमणों पर गहन विचार विमर्श किया गया। पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि सरकारों की भेदभाव पूर्ण नीतियों के कारण सनातन धर्म को गम्भीर क्षति पहुँच रही है, जिसे सनातन धर्मावलम्बियों को जागृत कर नहीं रोका गया तो सनातन धर्म के कमजोर होने से देश संकट में पड़ जायेगा ।

अल्पसंख्यक हो रहा है हिंदू 

 सरकारों की गलत नीतियों के कारण आज देश के लगभग 15 प्रदेशों में सनातनधर्मी हिन्दू समाज अल्पसंख्यक हो गया है। सरकार ने लगभग साढ़े चार लाख (450000) मठ-मन्दिरों को अधिग्रहण कर कब्जा कर लिया है, और सनातन धर्मावलम्बियों द्वारा प्रदत्त दान और चढ़ावे की धनराशि का दुरुपयोग कर अन्य तथाकथित धर्मों के प्रचार-प्रसार पर खर्च करती है, जो सहन करने योग्य नहीं है ।


पहले अपने अस्तित्व की करें चिंता

स्वामी नरसिंह दास जी महाराज एवम् हीरापुर वाले स्वामी जी महाराज ने भी कहा कि इस ज्वलंत विषय को पूरे अभियान के रूप में हिन्दू समाज को ले जाने की आवश्यकता है। क्योंकि हिंदू समाज देर से जागृत होता है, इसलिए धर्मावलंबियों को गांव-गांव में जाकर सभाएं करनी चाहिए। हिंदू समाज को जागृत करना चाहिए, उन्हें बताना चाहिए कि पहले हम मुगलों के आक्रमण को झेलते रहे, अब तेजी से बढ़ती मुस्लिम आबादी चिंता का विषय बढ़ती जा रही है। आने वाले दिनों में हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएगा तो फिर देश के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा। आज शहरों में तेजी से आधुनिक सुविधाएं बढ़ रही हैं, अपार्टमेंट की सुविधाएं हैं, लोगों की लग्जरी लाइफ होती जा रही है। मगर लोग यह नहीं सोच रहे हैं कि इन से काम नहीं चलने वाला है। जब आपका अस्तित्व ही नहीं बचेगा तो फिर आप यह सारी सुख और सुविधाएं लेकर क्या करेंगे।

हमने मुगलों का आक्रमण भी देखा है

स्वामी बृजभूषणानन्द सरस्वती ने कहा कि मुझे बहुत चिंता होती है कि सैकड़ों वर्षो तक हमने मुगलों का आक्रमण झेला है, हमने अत्याचार की सारी सीमाएं लांघते  हुए देखी हैं। उसके बावजूद हम यदि नहीं सचेत हो रहे हैं तो इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ और नहीं हो सकता है। हम अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट हो अपने बच्चों को कुश्ती दंगल तीर और तलवार चलाने का प्रशिक्षण दें, जिससे उनका आत्मबल ऊंचा उठे। इस मौके पर स्वामी नरेशानन्द, अभिषेक पाण्डेय एवम् विपुल दूबे आदि थे।