वृंदावन में ऐसा स्थान जहां भगवान श्रीकृष्ण ने राधा मंत्र का जाप किया

वैसे तो वृंदावन भगवान श्रीकृष्ण की तमाम लीलाओं की स्थली रही है, मगर वृंदावन में एक ऐसा स्थान है जहां पर भगवान श्रीकृष्ण ने बैठकर राधा मंत्र का जाप किया था। राधा मंत्र का जाप करने से

वैसे तो वृंदावन भगवान श्रीकृष्ण की तमाम लीलाओं की स्थली रही है, मगर वृंदावन में एक ऐसा स्थान है जहां पर भगवान श्रीकृष्ण ने बैठकर राधा मंत्र का जाप किया था। राधा मंत्र का जाप करने से भगवान श्रीकृष्ण श्याम वर्ण से राधा के रंग में रंग गए थे। उनका स्वरूप एकदम राधा रानी की तरह श्वेत हो गया था। आइए इस कथा आपको  उसी स्थान का दर्शन कराते हैं।

महारास से ओझल हो गई थीं राधा रानी

भगवान श्रीकृष्ण ने राधा रानी और उनकी सखियों के साथ महारास किया था। द्वापर युग में ऐसा बताया जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने राधा रानी और उनकी सखियों को भक्ति के रस में सराबोर करने के लिए यमुना जी के किनारे महारास का आयोजन किया। इस महारास को देखने के लिए देवतागण भी लालायित हो गए थे। भगवान भोलेनाथ तो गोपेश्वर का स्वरूप धारण करके महारास देखने पहुंचे थे। ऐसा बताया जाता है कि महारास से राधारानी अचानक ओझल हो गईं। यह देख कन्हैया परेशान हो गए और राधा रानी को ढूंढने लगे।


राधा रानी के ध्यान में हो गए मग्न

महारास से श्री राधा रानी को ओझल होते देख भगवान श्री कृष्ण का ध्यान भंग हो गया। कन्हैया राधा रानी को इधर-उधर ढूंढने लगे। जब राधा रानी कहीं दिखाई नहीं दी तो महारास स्थल के निकट ध्यान में मगन हो गए और राधा रानी के मंत्र का जाप करने लगे। राधा रानी के मंत्र के जाप के चलते भगवान श्रीकृष्ण का रंग राधा रानी की तरह श्वेत हो गया। यह देख राधा रानी आश्चर्यचकित हो गईं। 


   पता लगाने के लिए सखियों को भेजा

क्योंकि भगवान श्रीकृष्ण का रंग राधा रानी के रंग की तरह हो गया था। इसलिए वह कन्हैया को पहचान नहीं पाए। राधा रानी ने अपनी ललिता समेत अष्ट सखियों को भगवान श्रीकृष्ण के पास भेजा। कहा कि पता लगा कर आओ कि कौन व्यक्ति है जो श्वेत रंग में मेरे नाम का जाप कर रहा है? इस पर सभी सखियां भगवान श्रीकृष्ण के पास पहुंच गईं। 

अनूठी भक्ति देख आश्चर्य में पड़ गईं

राधारानी की अष्ट सखियों ने देखा कि कोई व्यक्ति राधा राधा का जाप कर रहा है। राधा रानी की प्रिय सखी ललिता पहुंची तो वह भी आश्चर्य में पड़ गईं। उन्होंने देखा कि राधा नाम का जाप करने वाला व्यक्ति एकदम राधा रानी के रंग यानी उनके वर्ण का ही है। फिर ललिता ने देखा कि जो राधा रानी के मंत्र का जाप कर रहा है उसके पास मोर मुकुट भी है हाथों में बंशी भी है तो ललिता झट से पहचान गईं। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण को प्रणाम किया और वह भाव से भर गईं।

कन्हैया कर हैं तुम्हारे मंत्र का जाप

ललिता अपनी सखियों के साथ राधा रानी के पास पहुंची और उन्होंने बताया कि आपके नाम का जाप कोई और नहीं बल्कि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण कर रहे हैं। राधा रानी आश्चर्य में पड़ गईं, उन्होंने ललिता से सवाल किया कि तुमने आखिर कैसे पहचाना कि वह कोई और नहीं बल्कि कन्हैया ही हैं। तब ललिता सखी ने बताया कि जो व्यक्ति राधा नाम का जाप कर रहा है उसके पास मोर मुकुट भी है। हाथ में बंशी भी है और एकदम कन्हैया की ही तरह है। सिर्फ आपका नाम का जाप करते करते उनका जो वर्ण है वह आपकी तरह हो गया है। यानि कन्हैया राधा रानी के रंग में पूरी तरह से रंग चुके हैं। यह सुनकर राधा रानी आश्चर्यचकित रह गईं, उनकी आंखे भाव से भर गई और वह भी कन्हैया के दर्शन करने को दौड़ पड़ी।

यमुना किनारे इमलीतला में हो जाएंगे दर्शन

राधा रानी का मंत्र का जाप करते हुए भगवान श्री कृष्ण का दर्शन इमलीतला में हो जाएगा। यदि आप सब देश भर से कहीं पर भी वृंदावन आते हैं। बिहारी जी और राधा बल्लभ आदि स्थानों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं तो इमली तला भी जरूर पहुंचे। यह स्थान परिक्रमा मार्ग पर बिहारी जी के मंदिर से आगे जुगल घाट के निकट यमुना जी के एकदम किनारे स्थित है। इसे इमलीतला के नाम से जाना जाता है। यहां पर आपको दीवार पर प्राचीन कलाकृति दिखाई दे जाएगी जिसमें आपको देखने को मिलेगा कि भगवान श्रीकृष्ण किस प्रकार से राधा नाम के मंत्र का जाप कर रहे हैं।