विश्व शांति के लिए सनातन धर्म सबसे जरूरी : पूज्य नरेंद्रानंद

श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर अनन्त श्री विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज सनातन धर्मावलम्बियों को जागृत करने के प्रतिनिधिमण्डल के साथ भदोही जनपद के 

श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर अनन्त श्री विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य (Swami Narendranand Saraswati Ji Maharaj)

सनातन धर्मावलम्बियों को जागृत करने के प्रतिनिधिमण्डल के साथ भदोही जनपद के हीरापट्टी गांव पहुंचे। पूज्य महाराज जी के पहुंचते ही फूलों की बारिश कर भव्य स्वागत किया गया और चारों ओर जयघोष गूंज उठा। इस मौके पर प्रकाश चन्द्र दूबे ने पूज्य महाराज श्री से दीक्षा ग्रहण किया। पूज्य महाराज जी ने कहा कि अपने धर्म के प्रति जागरूक रहते हुए आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करें। विश्व शान्ति और मानव कल्याण के हेतु भारत को वैदिक धरातल पर खड़ा करना बहुत जरूरी है। भारत, भारत ही बना रहे, इसके लिए सरकार तत्काल देश में समान नागरिक कानून लागू करते हुए सभी मठ-मन्दिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करे। सनातनी हिन्दू समाज द्वारा प्रदत्त दान को केवल सनातन धर्म के संरक्षण एवम् सम्वर्द्धन पर ही खर्च किया जाना चाहिए ।

बढ़ती आबादी है चिंता का विषय है

पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि देश में समान नागरिक संहिता के साथ-साथ समान शिक्षा नीति भी लागू की जाने की आवश्यकता है। अब देश में बहुत अधिक दिनों तक दो कानून नहीं चलने वाला है। एक तरफ विशेष वर्ग आबादी बढ़ाता चला जा रहा है, दूसरी ओर सनातनी सिर्फ एक दो बच्चों पर ही आकर रह गए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में विशेष वर्ग की आबादी पूरे देश में फैल जाएगी, जिससे समाज में अस्थिरता फैलने की संभावना रहेगी। इसलिए सरकार को तत्काल समान नागरिक संहिता कानून लागू करना चाहिए।

सभी सनातनी बच्चे मंदिर जरूर जाएं 

स्वामी बृजभूषणानन्द सरस्वती ने कहा कि हिंदू परिवारों में बच्चों को अपने धर्म ग्रंथ वेद पुराण की शिक्षा नहीं दी जाती है। यहां तक कि उन्हें मंदिर जाने के लिए भी  प्रेरित नहीं किया जाता है। ऐसे में वह धीरे-धीरे धर्म से विमुख होते जा रहे हैं। पूजा-पाठ से भी विमुख होते जा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह बहुत बड़ी समस्या बन जाएगी। हमें बच्चों को धर्म की शिक्षा जरूर देना चाहिए। पाश्चात्य संस्कृति की ओर तेजी से बच्चे बढ़ते जा रहे हैं, उन्हें रोकना होगा। हम सबके मन में एक बात होती है कि हम सनातनी हैं। हम अपने धर्म के बारे में जानते हैं और इसीलिए हम मंदिर जाते नहीं और वेद पुराण अध्ययन भी नहीं करते हैं। इस मौके पर विनोद कुमार त्रिपाठी, हीरापट्टी ग्राम के ग्राम प्रधान अखिलेश चन्द्र दूबे, प्रवीण कुमार दुबे, अंग्रेज दूबे, शिव प्रकाश दूबे, धीरज दूबे, अविरल दूबे, नित्यानन्द दूबे, प्रकाश चन्द्र दूबे, रमेश दूबे, सालिकराम दूबे आदि थे।