देवरहा बाबा घाट आखिर क्यों बन गया साधना और भक्ति का केंद्र
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- June 11, 2023
तपोनिष्ठ संत ब्रह्मर्षि देवरहा बाबा सिद्धियों से परिपूर्ण थे। पूज्य बाबा जी में ऐसी सिद्धियां थी कि वह एक ही समय में कई कई स्थानों पर दर्शन दिया करते थे। जल के ऊपर भी समान रूप से
तपोनिष्ठ संत ब्रह्मर्षि देवरहा बाबा सिद्धियों से परिपूर्ण थे। पूज्य बाबा जी में ऐसी सिद्धियां थी कि वह एक ही समय में कई कई स्थानों पर दर्शन दिया करते थे। जल के ऊपर भी समान रूप से पैदल चलते थे। श्रीधाम वृंदावन में पूज्य बाबा जी ब्रह्मलीन हुए। आज भी वहां पर देवरहा बाबा का मचान और समाधि स्थल है। तमाम विदेशी भक्त यहां साधना करने आते हैं। समाधि स्थल के ठीक उस पार देवरहा बाबा घाट है, जो अलौकिक शक्तियों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। प्रतिदिन सुबह बड़ी संख्या में साधक यहां साधना करने आते हैं।
सुबह के समय यह स्थल आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा होता है।
आस्था और भक्ति का दिखता है संगम ब्रह्ममुहूर्त का समय, वातावरण पूरी तरह से शांत। यमुना जी के किनारे स्थित पूज्य देवरहा बाबा घाट की ओर साधकों के कदम तेजी से बढ़ते जाते। घाट पर पहुंचते ही अध्यात्मिक ऊर्जा का संचार दिखाई देने लगता है। जहां तहां साधक सुविधानुसार बैठ जाते हैं और ध्यान में लीन हो जाते हैं। योग और साधना से अपनी सिद्धियों को परिष्कृत करने वाले पूज्य देवरहा बाबा को अपने अंतर्मन में बिठा लेते हैं। फिर, घंटों साधना में लीन रहते हैं। बहुत से तो साधक ऐसे होते हैं जो अनंत में पहुंच जाते हैं। शरीर साधना में लीन पर मन गुरुदेव के श्रीचरणों में ध्यानमग्न हो जाता है। मानों लगता है की पूज्य देवरहा बाबा से साक्षात्कार हो रहा है। बाबा बच्चा कहकर कुशलक्षेम पूछ रहे हैं। सेवा के प्रति सतत लगने का संदेश दे रहे हैं। अकिंचन हो जाते हैं। साधना का यह अद्भुत दृश्य देखते ही बनता है।

देखते ही बनती है प्रकृति की विहंगम छटा
देवरहा बाबा घाट पर पहुंचते ही प्रकृति की विहंगम छटा देखते ही बनती है। परिक्रमा मार्ग पर टटिया स्थान के ठीक सामने देवरहा बाबा के नाम से विशाल द्वार बना हुआ है। यहीं से प्रवेश करते हुए यमुना जी की ओर बढ़ना होता है। ज्यों ज्यों यमुना जी की ओर आप बढ़ते जाएंगे देवराहा बाबा का घाट नजदीक आता जाएगा। घाट पर पहुंचते ही चारों तरफ सुगम वातावरण दिखाई देता है, जैसे लगता है कि यहां प्रकृति झूम रही है। घाट के पास ही चबूतरे पर पेड़ पौधे लगाए गए हैं। फूलों की सुगंध से पूरा वातावरण सुगंधित हो जाता है। चबूतरे पर चारों तरफ हरी हरी घास साधना के लिए सभी को अपनी ओर आकर्षित करती है। घाट के ही निकट भगवान भोलेनाथ का शिवलिंग भी स्थापित है। इस स्थान पर भी लोग साधना में लीन रहते हैं। सुबह का वातावरण काफी सुहाना रहता है। इसलिए यहां पर हर कोई आना चाहता है। साथ ही घाट का रखरखाव और साफ-सफाई भी भक्तों और साधकों को मोहित करती है।
सीएम योगी के आने के बाद बदली सूरत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तपोनिष्ठ संत देवराहा बाबा की त्याग और तपस्या को जाना। उन्होंने देवराहा घाट का निर्माण कराया। वर्ष 2021 में वृंदावन में कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक का आयोजन किया गया था। उस समय सीएम योगी आदित्य के निर्देश पर देवरहा बाबा घाट का निर्माण हुआ था। उसके बाद से घाट धीरे धीरे सुंदर बनता गया। वर्तमान में देवरहा बाबा घाट की सुंदरता देखते ही बनती है। घाट की सीढ़ियां एकदम साफ सुथरी दिखाई देती हैं जिस पर सुकून से घंटो लोग बैठते हैं। साथ ही तमाम श्रद्धालु सुबह-सुबह स्नान भी करते हैं। अब बड़ी संख्या में बाहर से श्रद्धालु आते हैं और घाट पर बैठते हैं। खासकर पूर्वी यूपी और बिहार से बड़ी संख्या में लोगों का जुड़ाव देवराहा बाबा जी से रहा है।
छायादार वृक्ष भी देखने को मिलेगा
सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ही यमुना जी के घाट के निकट मेला स्थल अब काफी सुंदर हो गया है। बड़े परिसर में फैला यह मेला स्थल अब छायादार पेड़ों से लदा हुआ है। दो वर्ष पहले यहां पौधे रोपे गए थे, जो धीरे-धीरे बड़े होते जा रहे हैं। आने वाले दिनों में कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक का आयोजन होगा, उस समय तक मेला स्थल पर चारों ओर घने वृक्ष छा जाएंगे, फिर यहां का वातावरण देखते ही बनेगा। क्योंकि कुंभ के समय यहां पर संतों का खालसा और अखाड़ा लगता है छायादार वृक्ष होने से संतो को यहां पर काफी सुविधा होगी।




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