ब्रज में इस स्थान पर ब्रह्माजी ने चुराई थी, कन्हैया की गाय और बछड़े

ब्रज ठाकुरजी की लीलाओं से भरा हुआ है। कन्हैया ने अपनी लीलाओं से ब्रज को धन्य कर दिया है। ब्रज में वृंदावन के निकट चौमुंहा गांव की लीला तो भाव से भरी हुई है।  यहां ब्रह्म वन है

ब्रज ठाकुरजी की लीलाओं से भरा हुआ है। कन्हैया ने अपनी लीलाओं से ब्रज को धन्य कर दिया है। ब्रज में वृंदावन के निकट चौमुंहा गांव की लीला तो भाव से भरी हुई है। यहां ब्रह्म वन है, जहां से ब्रह्मा जी ने भगवान श्रीकृष्ण की गाय और बछड़े चोरी कर लिए थे। इनके साथ प्रभु के ग्वाल बाल सखाओं को भी चोरी कर लिया था। ब्रह्मा जी सभी को ब्रह्म लोक लेकर चले गए थे, मगर भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी शक्ति से पुनः गाय बछड़े और अपने सखा को उपस्थित कर लिया था। आइए जानते हैं आखिर क्यों ब्रह्मा जी ने भगवान श्रीकृष्ण की गाय को चोरी किया था....

श्रीकृष्ण से छिपकर पी रहे थे छाछ 

भगवान श्रीकृष्ण ब्रज में अपने ग्वाल वालों के साथ गोचरण किया करते थे। एक बार वह गाय चरा रहे थे, जब थोड़ी दोपहर हुई तो भगवान को भूख लगी। तभी उन्होंने देखा कि उनका एक सखा मुग्ध मंगल एक पेड़ की ओट के पीछे छुप कर छाछ पी रहा है।  भगवान श्रीकृष्ण की नजर अपने उसी सखा पर पड़ गई। श्रीकृष्ण को आता देख उनका सखा मंगल संकोच में आ गया। उसे लगा कि बासी छाछ वह अपने प्रिय मित्र कन्हैया को कैसे दे, इसीलिए उसने पूरी छाछ अपने मुंह में भर ली। मगर जल्दबाजी के चलते जब मंगल ने मुंह बंद करना चाहा तो छाछ बाहर आ गई और उसके गालों पर छाछ टपकने लगी।

भाव के भूखे कन्हैया की अनुपम लीला

पौराणिक कथा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण को बहुत जोरों से भूख लगी थी। वह अपने मित्र मंगल के पास पहुंचे और उसके गालों पर लगे छाछ को चाटने लगे। यह देख कन्हैया के सखा भी आश्चर्यचकित रह गए। मगर, भगवान श्रीकृष्ण भाव से छाछ को चाटते जा रहे थे। ऐसा लग रहा था कि भगवान श्रीकृष्ण कितने दिनों से भूखे हैं। उनका भाव देखते ही बन रहा था। सभी सखा भी यह देख आनंदित हो रहे थे।


फिर, ब्रह्मा जी को हुआ संदेह

भगवान श्रीकृष्ण को अपने सखा को गाल को चाटते हुए देख तो ब्रह्मा जी को संदेह हो गया, उन्हें लगा श्रीकृष्ण कैसे ब्रह्म हो सकते हैं? वह तो एक साधारण से ग्वाले के गाल पर लगे छाछ को चाट रहे हैं। इस पर ब्रह्मा जी ने परीक्षा लेने की कोशिश की और भगवान श्रीकृष्ण की सभी गाय और सखा को ब्रह्म लोक लेकर चले गए, ब्रह्मा जी ने सोचा जब श्रीकृष्ण अपनी गाय और सखा को नहीं देखेंगे तो परेशान हो जाएंगे। यदि ब्रह्म होंगे तो उन्हें वापस बुला लेंगे। 

श्रीकृष्ण ने अपनी शक्ति से फिर प्रगट कर दी गाय

भगवान श्रीकृष्ण ब्रह्मा जी के इस कार्य को भांप गए। उन्होंने अपनी शक्ति से फिर गाय, बछड़े और सखा को प्रगट कर लिया। जब एक वर्ष हुआ और श्रीकृष्ण ने अपनी गायों की सुधि नहीं ली तो ब्रह्मा जी बेचैन हो गए, उन्होंने सोचा क्यों ना पता लगाया जाए कि आखिर श्रीकृष्ण कहां गए? ब्रह्मा जी नंद गांव पहुंच तो आश्चर्यचकित रह गए। यहां भगवान श्रीकृष्ण की गाय, बछड़े, सखा सभी मौजूद थे। ब्रह्मा जी ने मन में विचार किया की वे तो सभी को ब्रह्म लोक ले गए थे। उन्होंने श्रीकृष्ण की गाय और बछड़े को चोरी कर लिया था। फिर उन्होंने प्रभु की लीला जान ली। इसके बाद चौमुंहा गांव में ब्रह्म वन में ब्रह्मा जी ने भगवान पर संदेह करने को लेकर क्षमा मांगी। भगवान श्रीकृष्ण मुस्कुरा उठे। 

बहुत सुंदर है ब्रह्म वन, यहां जरूर आएं

वृंदावन के निकट दिल्ली हाइवे पर स्थित चौमुंहा गांव में ब्रह्म वन आज भी मौजूद है। यहां चारों ओर वन ही वन है। यहीं पर ब्रह्मा जी भगवान श्रीकृष्ण से क्षमा मांगते दिखाई दे रहे हैं। भगवान अपने सखा के साथ बैठे हैं। ब्रह्मा जी ने ब्रज में आने के लिए हजारों वर्षों की तपस्या की थी उसके बाद भगवान के दर्शन हुए थे। इस प्रकार पहुंचे ब्रह्म वन, जीएलए के एकदम है निकट यदि आप ब्रज में दर्शन करने आते हैं तो आपको ब्रह्म वन जरूर आना चाहिए। क्योंकि दुनिया का एकमात्र स्थान है जहां ब्रह्मा जी ने भगवान श्रीकृष्ण की गाय और बछड़े चोरी किए थे। साथ ही ब्रह्मा जी पुष्कर के बाद ब्रह्म वन में मंदिर है। ब्रह्म वन आने के लिए आप दिल्ली आगरा हाइवे के रास्ते से आ सकते हैं। वृंदावन में छटीकरा से पहले चौमुंहा नगर पंचायत में यह स्थान पड़ेगा। हाइवे से चौमुंहा के लिए रास्ता गया हुआ है। इसके अलावा वृंदावन से छटीकरा होते हुए चौमुंहा पहुंच सकते हैं। आगरा हाइवे से भी आप चौमुंहा पहुंच सकते हैं। जीएलए विश्वविद्यालय के निकट ब्रह्म वन है।